MSP Hike Update: रबी सीजन 2027-28 में किसानों के लिए सिर्फ गेहूं और चना ही चर्चा का विषय नहीं रहेंगे। केंद्र सरकार ने छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले में कुसुम, रेपसीड-सरसों, मसूर और जौ जैसी फसलें भी शामिल हैं। MSP वह न्यूनतम कीमत है जिस पर सरकार किसानों की उपज खरीदने की गारंटी देती है। हालांकि, वास्तविक लाभ खरीद व्यवस्था और बाजार की स्थिति पर भी निर्भर करता है। ऐसे में नई MSP किसानों को फसल चयन और संभावित आमदनी का अनुमान लगाने में मदद कर सकती है। कुसुम पर सबसे बड़ा इजाफा सरकार ने कुसुम की MSP में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। वर्ष 2026-27 में कुसुम का समर्थन मूल्य 6,540 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसे अब बढ़ाकर 7,215 रुपये कर दिया गया है। छह रबी फसलों में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। कम पानी वाले क्षेत्रों में कुसुम की खेती करने वाले किसानों के लिए यह फैसला खास महत्व रखता है। सरसों की MSP में 413 रुपये की वृद्धि उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर बोई जाने वाली रेपसीड-सरसों की MSP भी बढ़ाई गई है। पहले इसका समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल था। अब किसानों को 6,613 रुपये प्रति क्विंटल की MSP मिलेगी। तेलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे किसानों को सरसों की खेती के प्रति प्रोत्साहन मिल सकता है। मसूर और जौ पर भी राहत मसूर की MSP में 390 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। इसकी नई MSP 7,390 रुपये होगी, जबकि पिछले वर्ष यह 7,000 रुपये प्रति क्विंटल थी। वहीं, जौ की MSP 136 रुपये बढ़ाकर 2,286 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। 2026-27 में जौ का समर्थन मूल्य 2,150 रुपये था। गेहूं और चने की नई MSP गेहूं की MSP में 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब इसका समर्थन मूल्य 2,610 रुपये प्रति क्विंटल होगा। चना किसानों के लिए भी MSP में 83 रुपये का इजाफा किया गया है। चने की नई MSP 5,958 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। नई MSP एक नजर में कुसुम: 7,215 रुपये, बढ़ोतरी 675 रुपये। रेपसीड-सरसों: 6,613 रुपये, बढ़ोतरी 413 रुपये। मसूर: 7,390 रुपये, बढ़ोतरी 390 रुपये। जौ: 2,286 रुपये, बढ़ोतरी 136 रुपये। चना: 5,958 रुपये, बढ़ोतरी 83 रुपये। गेहूं: 2,610 रुपये, बढ़ोतरी 25 रुपये। नोट: MSP घोषित मूल्य है। किसानों को वास्तविक भुगतान स्थानीय मंडी भाव, सरकारी खरीद और गुणवत्ता मानकों के आधार पर मिल सकता है। ये भी पढ़ें: अक्टूबर की शुरुआत में बड़ा बदलाव! SBI ATM, LPG, UPI से रेलवे तक बदले नियम, जानिए जेब पर क्या होगा असर